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"वाढदिवस लेकीचा - देवश्रीचा " Poem dedicated to my beloved daughter on her birthday......

"वाढदिवस लेकीचा - देवश्रीचा " लिहीली  कविता  जिच्यासाठी  ती आमची  लाडाची  लेक  आज तिचा  वाढदिवस  सोनुली आमची  लाखात  एक  बरे  नसले  कधी  मला  तर जीव  लावतेस  असा  करून  देतेस  आठवण  आईची  मनात  उमटवतेस  मायेचा  ठसा  डोक्यावरून  फिरवतेस  मग  तुझे  नाजूक  इवलेसे  नाजूक  हात  मनातून उफाळून  येतात भावना  बाळा, तुला  भरभरून  आशीर्वाद  गातेस  मग  अंगाई  गीत  जशी  मी  तुझ्यासाठी  म्हणायची  यावी  ताकद  तुझ्या  अंगी  बाळा  पेलन्या  आव्हाने  पुढच्या  आयुष्याची  आजच्या  दिवशी  तू  सुखाचा  वर्षाव  घेऊन  आली   खूप भाग्यवान  झालो  आम्ही  बाळा, आयुष्यात  तू  आली  देवश्री , तुझ्या  चेहऱ्यावरचे...

"स्रीत्व "

"स्रीत्व " नारी  तू , भारी  तू  अन्  जगाची  उद्धारी  तू    आई  तू , ताई  तू  अन्  प्रत्येक  नात्याला  आधार  तू    मान  तू , शान  तू  अन्  तुझ्या  अस्तित्वाचा  अभिमान  तू    घराच्या  उंबरठ्याची  शान तू  अन्  अंगणाचे  पैंजण  तू    आदिमाया  तू, जगतजननी  तू  स्वराज्याचे स्वप्न  सत्यात  उतरावणारी  तू    गगनभरारी  तू, विज्ञान तू  विविध  कलांचा  आविष्कार तू    हारलीस  तरीही  जिंकशील  तू  पुन्हा  मैदानात  उतरशील  तू    पडलीस  तरीही  उठशील  तू  कंबर  कसून  झुंजशील  तू    झाल्या  वेदना  सोसशील  तू  पुन्हा  नव्याने  जगशील तू.....!    ...

"झळ "

"झळ " भर उन्हात पालवी  फुटते  त्या  झाडांना  म्हणावं  तरी  काय ? रखरखत्या  उन्हात  सावली  देतात  जशी  काळजी  घेते  आपली  माय  स्वतः  उन्हात  उभे  राहून  देतात  सर्वांना  सावली  उन्हाच्या  त्या  झळा  सोसत  जशी  राबते  आपली माउली  सावलीचा  त्या  आधार  घेता  मिळतो कसा  थंडावा  आईच्या  कुशीत  जाता  मिळतो जसा गारवा  हिरव्यागार  त्या झाडांशी  जसे  खेळतात  गार  वारे  इवल्याश्या  त्या  पिल्लांची  जशी  काळजी  घेतात  पाखरे  प्रखर  त्या किरणांमधे झाडे  राहतात  उभी  खंबीर  चढाओढीच्या  ह्या  जीवनात  जसा आई देते धीर  सारे  काही  सहन करून  जशी फुलतात  फुले  कळीरूप  जीवन  फुलवायचे  कसे   हे...

आधार

     आधार  खोड,  फांदया , फळे  अन   फुले  आकार  केवढा  हा  वृक्षाचा  बीज  हे  मात्र  एकच  असतं  आधार  या  सर्वांचा  नात्या - नात्यांतून  राहतात  उभ्या  चार  भिंती  पण  भिंतींना  आधार  असते  घरातील  मोठी  व्यक्ती  नदया -  नाले  वाहतात  घेऊन  किरण  आशेचा  अन  विशाल  समुद्र  बनतो  आधार  या  सर्वांचा  असला  जरीही  आपल्याला  आधार  सर्वांच्या  प्रेमाचा  सगळ्यात  वेगळा  आधार  असतो  फक्त  मायेचा  रंगी - बेरंगी  नात्यांनी  बनतो  धागा  आयुष्याचा  देऊ  त्या  दोरीला  आधार  विश्वासाचा  छोटया - मोठ्या   अनुभवांवरून  अनुभव  घेऊ  जीवनाचा  गाऊ  जीवन  गाणं  घेऊन  आधार  अनुभवांचा  ...
"गुंफण"  एक  दिवस  सुख - दुःखांच्या  अश्रूंची  करून  साठवण  गुंफल्या  त्याच्या  माळा  ओवुनी  धाग्यांत  आठवण  माळेच्या  त्या  मोत्यांचे  रंग  आगळे -वेगळे  कितीही  अश्रूंनी  ते  कधीच  नाही  विरघळले  सुखाच्या  मोत्यांचा  मोरपंखी  रंग  कसा  बळकट  अन  दुःखाच्या  मोत्यांचा  रंग  कसा  फिक्कट  रंगीत  मोत्यांमुळेच  बेरंगी  मोती  दिसतात  बेरंगी  मोत्यांमुळेच  तर  रंगीत  मोती  उठून  दिसतात  आठवणींच्या  धाग्यांना  मोत्यांमुळेच  अर्थ  आला  आठवणींच्या  धाग्यांमुळेच  मोत्यांचा  साज  गुंफला !!!!!             ----- संध्या  गडगे - सिन्नरकर 

☺❤ जीवन ❤ ☺

☺❤ जीवन ❤  ☺ मानवाला असतो   एकच  जन्म , एकच  मृत्यु  मध्यंतरी  घडतं  एक नाटक  जीवन  त्याचं  नाव  जीवनात  कधी  सुख  असतं  जीवनात  कधी  दुःख  असतं  जीवन  कसं  जगायचं  असतं  ते  आपणच  ठरवायचं  असतं  जीवनाच्या  वाटेत  कधी  असतो  भरपूर  अंधार  अंधारातून  शोधायचा  असतो  उदयाचा  प्रकाश  प्रकाशाकडं  झेप  घेत  जायचंच  असतं  जीवन  हे  असंच  असतं  जीवन  असतं  नदीसारखं  वाहताना  असतात  भरपूर  अडथळे  अडथळ्यांवर  मात  करून  समुद्राला  जाऊन  मिळायचं  असतं  जीवनाच्या  वाटेत  कधी  असतात  भरपूर  घाट  ती नागमोडी  वळणे  घेत  शोधायची  असते  यशाची  वाट  यशाच्या मागे  लागायचं  असतं  जीवन  हे...

💗👫💗"ती आणि पाऊस "💗👫💗

 💗👫💗"ती  आणि  पाऊस  "💗👫💗 पाहिलंच  प्रेम  - तुझं  नी  माझं  पहिलीच  भेट  - तुझी  नी  माझी  पहिलीच  नजरानजर  - तुझी नी  माझी  पहिल्यांदाच  हातात  हात  - तुझा  नी  माझा  अशा  ह्या  क्षणी  आलेला  पाऊस ....  ढगांचा  गडगडाट....  नी  विजांचा  कडकडाट ....  पावसाच्या  ह्या सरी....  अन  तुझ्या  त्या  गोड  आठवणी ....  पावसाच्या  ह्या  सरी  आहे  एक गोड  परी  पावसाची  रिमझिम  रानीवनी  ग ....  जाग्या  झाल्या  तुझ्या  गोड  आठवणी  ग ....  पहिल्यांदाच  पाहिले  मी तुला  हृदयी  फुलली  एक  नाजुक  कळी  विसरुनी  गेलो  मी  मला  उमलता  ती प्रेम  कळी  तुझ्या  त्या  नाजूक  आठवणींनी  ग...